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अगस्त, 2017 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

कोरा ज्ञान ....एक emotional motivational कहानी

Hi दोस्तों आप हैं। प्रेणादायी chakhdey गौरव के साथ दोस्तों ज्यादतर हम लोग ऐसी शिक्षा प्राप्त करते हैं।जो सिर्फ किताबों तक सिमित होती है। एक तरह से पंगु बना देती है।हम आज इस टॉपिक पर विस्तार से बात करें।उससे पहले एक कहानी इस टॉपिक को खूबसूरत तरीके से बयाँ करती है।         एक बहुत बड़े पंडितजी रहते हैं।जिनकी ख्याति दूर- दूर तक फैली होती है।उनके प्रवचन सुनने के लिए लोग दूर -दूर से आते हैं।पंडितजी को इस बात का बड़ा घमण्ड रहता है।वो हमेशा अपनी तारीफ सुन्ना पसंद करते हैं ।एक बार सावन के महीने मे एक गांव मे भगवत कथा करनी होती है।पंडितजी के गांव और उस गांव के बीच एक बड़ी नदी बहती है ।जिसे नाव के द्वारा पर करना पड़ता है।पंडितजी शाम के समय नदी किनारे पहुचते है।वहां पर नाव चलने वाले मल्लाह को बुलाकर कहते हैं कि मुझे जल्दी नदी पर कर दो बहुत जरूरी काम है। मल्लाह हाथ जोड़कर बोलता है पंडितजी कुछ लोग और आजाएं तो मुझे थोड़ा फायदा हो जायेगा।पंडितजी गुस्से से लाल आंख करते हुए बोलते है मुर्ख तू जनता है मैं कौन हूँ।मेरा थोड़ा सा समय भी बहुत कीमती है।तू मुझ अकेले को नदी पर करायेगा तो मे तुझे किराया तो दूँगा ही स…

Focus only one......it's way of success... In hindi

Focus only one......it's way of success... In hindi


     Hi दोस्तों आप हैं।आप है प्रेरणादायीं chakhdey पर आज हम बात करेंगे एक ऐसे टॉपिक पर जो हमारी सफलता मे सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । पहले एक कहानी बताता हूँ।
        रामचरण नाम का एक लड़का एक आश्रम मे पढ़ने के लिए जाता है। वहाँ के जो प्रमुख आचार्य होते है उनसे मिलता है कि उससे युद्ध कला मे पारांगत होना है । सबसे श्रेष्ठ योद्धा बनना है। आचार्य बोलते है ठीक है।कल से तुम्हारी कक्षाऐं शुरू होगी। दूसरे दिन सभी विद्यार्थियों के साथ रामचरण की practice शुरू होती है। रामचरण बहुत ज्यादा hard work करता है।पूरे आश्रम  मे उसकी hard working की चर्चाएं होती है।सभी बोलते है कि इस बार अश्रम की युद्ध प्रतियोगिता मे रामचरण ही जीतेगा।युद्ध प्रतियोगिता का time आता है।तीरंदाजी,भाला ,गदा,तलवारबाजी आदि events होते हैं।लेकिन रामचरण कोई भी event नही जीत पाता।अश्रम के सभी आचार्य भी बहुत दुखी होते हैं।पर प्रमुख आचार्य मुस्कुराते हैं। रामचरण को अपने पास बुलाकर पूछते हैं कि तुम्हे अपने हारने का कारण पता है।रामचरण हाथ जोड़कर बोलता है गुरुदेव मैंने सभी से ज…

motivational pic in hindi

एक बार फिर कछुआ और खरगोश रेस....motivational story

vivekanand story in hindi
Hi दोस्तों एक बार फिर स्वागत आप सभी का in hindi motivational story chakhdey पर और आप सब है मेरे साथ अर्थात गौरव के साथ तो शुरू करते है कहानी....
           आप सभी ने खरगोश और कछुए की कहानी तो पड़ी ही होगी की कछुआ और खरगोश की दौड़ होती है।खरगोश बहुत तेज दौड़ता है।फिर एक पेड़ के नीचे आराम करने लगता है और उसकी नींद लग जाती है।और कछुआ दौड़ जीत लेता है। अब दोसरी स्टोरी-       जब कछुआ रेस जीत जाता है।तब खरगोश को अपनी गलती का एहसास होता है।वह शेर के पास जाता हैऔर फिर से रेस करने की प्राथना करता है।शेर कछुए को बुलाकर पूछता है कि कछुआ तुम से एक बार फिर रेस करना चाहता है।क्या तुम तैयार हो चूँकि कछुआ रेस जीता था।इसलिए थोड़ा सा ईगो भी आ गया।शेर की बात सुनकर हँसकर बोलता है कि ख़रगोश भाई को फिर से हारने का शौक है तो वह तैयार है। दूसरे दिन सभी जानवर रेस देखने के लिए तय स्थान पर पहुँच जाते है।हरी झंडी दिखाई जाती है और रेस शुरू होती है।इस बार खरगोश पहली वाली गलती नही दोहराता है।तेजी से दौड़ कर बहुत बड़े अंतर से रेस जीत लेता है। तीसरी स्टोरी--          जब खरगोश जीत जाता है।तो कछुआ को ब…

It's change your life...

इतिहास गवाह है।वही महान बन पाया जिसने कुछ अलग करने की कोशिश की।
                             @गौरव राजपूत

Life changing quote

समय आपका भी आएगा।थोड़ा इंतजार तो करो।
                                                         @गौरव राजपूत

खड़े रहें.......it's simple way to success!

www.chakhdey.blogspot.comहैलो, दोस्तों आप मेरे साथ है in hindi motivational Chakhdey पर,हम अपने आसपास देखते है कि बहुत ही कम लोग जिंदिगी मै सफल होते है! इसका कारण बताने वाली एक स्टोरी शेयर कर रहा हूँ-                रोहन अपने दादाजी को बहुत प्यार करता था। अपनी हर बात दादाजी के साथ शेयर करता था।दादाजी की उम्र 90साल को पर क्र गई थी।चेहरे पर बहुत झुर्रियां आ गईं थी।जो उनके अनुभव को वयान करती थी।रोहन कॉम्पिटिओं एग्जाम की तैयारी कर रहा था।बहुत सारे एग्जाम दिए पर हर बार फ़ैल।हँसमुख रोहन के चेहरे पर से हंसी गायब हो चुकी थी ।वो उदास रहने लगा।दादाजी के पास जाना भी बंद कर दिया।अपने दोस्तों से भी कम ही बात करता था।एक दिन दादाजी ने उसे अपने पास बुलाया और उदासी का कारण  पूछा।रोहन ने बताया कि वह इतने सारे एग्जाम दे चुका पर हर बार फेल हो जाता है। सभी dost भी उसका मजाक उड़ाते है।इसलिए अब वो अब कोई एग्जाम नही देगा।दादाजी ने अपना चश्मा थोड़ा ठीक किया और मुस्कुराये।रोहन की सर पर हाथ फेर कर वोले-बेटा रोहन तुम को लगता ह की तुम अगर एग्जाम नही दोगे तो लोग तुम्हारा मज़ाक नही उड़ायेंगे।दादाजी ने कुछ यूँ सोचा की वह …