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एक बार फिर कछुआ और खरगोश रेस....motivational story

vivekanand story in hindi 

Story in hindi , story in hindi for kids

Hi दोस्तों एक बार फिर स्वागत आप सभी का in hindi motivational story chakhdey पर और आप सब है मेरे साथ अर्थात गौरव के साथ तो शुरू करते है कहानी....
           आप सभी ने खरगोश और कछुए की कहानी तो पड़ी ही होगी की कछुआ और खरगोश की दौड़ होती है।खरगोश बहुत तेज दौड़ता है।फिर एक पेड़ के नीचे आराम करने लगता है और उसकी नींद लग जाती है।और कछुआ दौड़ जीत लेता है।

अब दोसरी स्टोरी-

      जब कछुआ रेस जीत जाता है।तब खरगोश को अपनी गलती का एहसास होता है।वह शेर के पास जाता हैऔर फिर से रेस करने की प्राथना करता है।शेर कछुए को बुलाकर पूछता है कि कछुआ तुम से एक बार फिर रेस करना चाहता है।क्या तुम तैयार हो चूँकि कछुआ रेस जीता था।इसलिए थोड़ा सा ईगो भी आ गया।शेर की बात सुनकर हँसकर बोलता है कि ख़रगोश भाई को फिर से हारने का शौक है तो वह तैयार है। दूसरे दिन सभी जानवर रेस देखने के लिए तय स्थान पर पहुँच जाते है।हरी झंडी दिखाई जाती है और रेस शुरू होती है।इस बार खरगोश पहली वाली गलती नही दोहराता है।तेजी से दौड़ कर बहुत बड़े अंतर से रेस जीत लेता है।
तीसरी स्टोरी--
         जब खरगोश जीत जाता है।तो कछुआ को बहुत दुःख होता है।वह भी हर मानने वालों में से नही रहता।वह शेर को एक बार फिर रेस कराने के लिए बोलता है।और शर्त रखता है कि रेस का रास्ता वह चुनेगा जिस पर रेस होगी।खरगोश को चैलेंज स्वीकार लेता है।रेस शुरू होती है।खरगोश तेज दौड़ता पर देखता है कि रास्ते मे एक बड़ी नदी है अतः खरगोश उसके किनारे पर रुक जाता है।कछुआ धीरे-धीरे नदी के किनारे पर आता है।खरगोश की तरफ मुस्कुराके देखता है।पानी मे तैरकर नदी पर कर रेस जीत लेता है।
अंतिम स्टोरी--
        एक बार फिर खरखोश और कछुआ रेस करने की मांग करते हैं।इस फिर सभी जंगल के जानवर रेस देखने के लिए आते है।जैसे ही रेस शुरू होती है सभी हैरान हो जाते है यह देखकर की खरगोश कछुआ को अपनी पीठ पर बैठा कर तेजी से दौड़ता है।नदी के पास जाकर कछुए को उतार देता है।अब कछुआ खरगोश को अपनी पीठ पर बैठा कर तेजी से तैरकर नदी पर कर लेता है और दोनों रिकॉर्ड टाइम मे रेस पूरी कर लेते हैं।
कहानियों से मिलने वाली शिक्षा---
1.पहली कहानी बता ती है कि यदि दो व्यक्ति है जिसमे से एक तेज है और दूसरा स्लो यदि तेज व्यक्ति रुक जाता है और स्लो वाला यदि चलता रहता है।तो हमेशा स्लो व्यक्ति जीतता है।
2.दूसरी कहानी बता ती है कि यदि दोनों अपनी रफ्तार से चलें और जो तेज व्यक्ति है वो बीच मे न रुके तो जीत हमेशा पहले व्यक्ति की होगी।
3.तीसरी कहानी है यदि आप कमजोर हैं अपने सामने वाले से तो वहां पर compitition करें जहाँ पर आपका strong point है।जीत आपकी ही होगी 
4.अंतिम कहानी बेहद ही खूबसूरत सन्देश देती है कि सभी मे कुछ न कुछ qualities होती है।यदि झगड़े छोड़ कर एक टीम की तरह कार्य करें तो सभी जीत जायेंगे।
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