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Help......is a great heart touching story

Story in hindi ...help
     आकाश ट्रैन से उतरता ह तब काफी घनघोर बारिस हो रही होती हैं।तेज हवाओं के साथ बारिस सारे शरीर मे कंपकपी पैदा कर रही थी।चरों तरफ अँधेरा छाया हुआ था।ऐसा प्रतीत हो रहा था कि आज सारे दिन बारिश होगी।आकाश एक सेल्समेन था।टारगेट पूरा करने की चिंता उसके चेहरे पर स्पष्ट दिखाई दे रही थी।वह जेब मे से पर्स निकाल कर देखता है।पर्स मे सिर्फ 500रूपये थे।आकाश को भूख कभी तेज लग चुकी थी।पर पर्स देखकर भूख दम तोड़ने लगी।मिडल क्लास लोगो को अपने लिए भी रूपये खर्च करने मे भी कितना सोचना होता है।इस बात को आकाश ही अच्छी तरह बता सकता था उस समय।कुछ समय में मन मे रूपये और भूख की जंग मे जीत रुपये की हुई।आकाश ने decide किया कि अभी सिर्फ चाय पी कर ही काम चलाएगा और रात को खाना।यह सोचकर आकाश सीधा होटल पर जाता है।चाय आर्डर करता है।चाय देने के लिए एक 12साल का लड़का आता है।उसका चेहरा लटका हुआ था।बचपन के खेलने कूदने के दिनों मे उसके हाथ मे चाय के कप पकड़ा दिए गए थे।वह आकाश के पास आता है और अपने मासूम चेहरे पर न चाहते हुए भी मुस्कान लाकर बोलता है साहब आपकी चाय जल्दी पी लीजिये नही तो ठंडी हो जायेगी।आकाश …

शिक्षक दिवस स्पेशल

शिक्षक दिवस स्पेशल - radhakrishnan

        5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप मे मनाया जाता है।आज ही के दिन 1888 को महान शिक्षाविद सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था।
बचपन--: सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुतनी गांव मे 5 sitambar 1888 को हुआ।राधाकृष्णन को बचपन से ही किताब पढ़ने का बहुत शौक था।उनकी प्रारम्भिक शिक्षा क्रिश्चियन मिशनरी संस्था लुर्थन मिशन स्कूल मे हुई।स्कूल समय मे ही उन्होंने बाइबिल के महत्वपूर्ण अंश यद् कर लिए थे।जिसके लिए उन्हें विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।अपनी collage education उन्होनें मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पूरी की।
सर्वपल्ली नाम का कारण-: राधाकृष्णन के पूर्वज सर्वपल्ली नामक गांव मे रहते थे।उसके बाद वो तिरुतनी गांव मे आकर बस गए।सर्वपल्ली गांव से आने के कारण वो अपने नाम के आगे सर्वपल्ली लिखने लगे।
प्रभावित-: राधकृष्णन ने स्वामी विवेकानन्द और वीर सावरकर को पढ़ा और उनके विचारों से प्रभावित हुए।
कार्यक्षेत्र -: उन्होंने देश के तीन विश्विद्यालयों मे अपनी सेवाएं प्रदान की-
1.वाइस चांसलर,आँध्रप्रदेश विश्वविद्यालय(1931-36)
2.चांसलर,बनारस हिन्दू विश्विविद्…