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Motivational

101 hindi best quotes status

Nice line - गरीब मीलों चलता है भोजन पाने के लिए, अमीर मीलों चलता है,  उसे पचाने के लिए, किसी के पास खाने के लिए एक वक्त की रोटी नहीं, किसी के पास एक रोटी खाने के लिए वक्त नहीं। कोई अपनो के लिए, अपनी रोटी छोड़ देता है। कोई रोटी के लिए अपनो को छोड़ देता है दौलत के लिए सेहत खो देता है सेहत पाने के लिए  दौलत खो देता है। जीता ऐसे है जैसे कभी मरेगा नहीं, और मर ऐसे जाता है जैसे कभी जीया ही नहीं। एक मिनट में ज़िन्दगी नहीं बदलती एक मिनट में लिया गया फैसला, जिन्दगी बदल देता है 1.  स्वयं को कभी कमजोर साबित मत होने दें क्योंकि.. डूबते सूरज को देखकर लोग - घरों के दरवाजे बंद करने लगते हैं ! 2. मुझे जिंदगी का तजुर्बा तो नहीं पर इतना मालूम है, छोटा इंसान बडे मौके पर काम आ सकता है। 3. न तेरी शान कम होती, न रुतबा घटा होता .. जो गुस्से में कहा, वही हंस के कहा होता .. 4. हमारी हैसियत का अंदाजा ... तुम ये जान के लगा लो, हम कभी उनके नहीं होते जो हर किसी के हो जाएं ... 5. कुछ लोग खुद को शेर समझते है, मगर हम वो इन्सान है, जो शेरों को भी कुत्ते जैसा घुमाते है 6.बात उन्ही कि होती है जिनमे कोई बात  होती है। 7. श

शिक्षक दिवस स्पेशल

     शिक्षक दिवस स्पेशल - radhakrishnan



        5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप मे मनाया जाता है।आज ही के दिन 1888 को महान शिक्षाविद सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म हुआ था।
बचपन--: सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु के तिरुतनी गांव मे 5 sitambar 1888 को हुआ।राधाकृष्णन को बचपन से ही किताब पढ़ने का बहुत शौक था।उनकी प्रारम्भिक शिक्षा क्रिश्चियन मिशनरी संस्था लुर्थन मिशन स्कूल मे हुई।स्कूल समय मे ही उन्होंने बाइबिल के महत्वपूर्ण अंश यद् कर लिए थे।जिसके लिए उन्हें विशिष्ट सम्मान से सम्मानित किया गया।अपनी collage education उन्होनें मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से पूरी की।
सर्वपल्ली नाम का कारण-: राधाकृष्णन के पूर्वज सर्वपल्ली नामक गांव मे रहते थे।उसके बाद वो तिरुतनी गांव मे आकर बस गए।सर्वपल्ली गांव से आने के कारण वो अपने नाम के आगे सर्वपल्ली लिखने लगे।
प्रभावित-: राधकृष्णन ने स्वामी विवेकानन्द और वीर सावरकर को पढ़ा और उनके विचारों से प्रभावित हुए।
कार्यक्षेत्र -: उन्होंने देश के तीन विश्विद्यालयों मे अपनी सेवाएं प्रदान की-
1.वाइस चांसलर,आँध्रप्रदेश विश्वविद्यालय(1931-36)
2.चांसलर,बनारस हिन्दू विश्विविद्यालय(1939-48)
3.चांसलर,दिल्ली विश्वविद्यालय(1953-1962)

राष्टपति-: 13 may 1962 को सर्वपल्ली राधाकृष्णन देश के दूसरे राष्टपति बने।
भारत रतन-: राधकृष्णन को 1954 मे भारत के सबसे बड़े नागरिक  सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
प्रसिद्ध किताब-:" द रीन ऑफ़ रिलीजन इन केकंटेंपररी फिलॉसफी"
निधन-: 17 अप्रेल 1975 को सर्वपल्ली राधाकृष्णन का निधन हो गया।

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