सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Motivational

तेरे नाम का भी शोर होगा हिंदी कविता

 रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।। अपनी हार से स्वयं को यूँ ही न हताश कर , फिर हो जा उठ खड़ा फिर युद्ध का आगाज कर। जीत हार की छोड़  परवाह , स्वयं पर तु विश्वास कर , चीर निराशाओं के घोर अंधेरे , उम्मीदों का भोर होगा। रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।। युद्ध ही तेरा धर्म है , लड़ना ही तेरा कर्म है इस जीवन युद्ध मे न कभी तेरी हार होगी या सीख होगी या जीत होगी । त्याग अपने डर को तुझे लड़ना होगा , कभी गिरना होगा तो कभी उठना होगा।। चीर निराशाओं के घोर अंधेरे , उम्मीदों का भोर होगा। रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।।

जिद्द - motivaional कहानी हिंदी मे

     Motivational story in hindi - jidd


शायद जिद्द ही होती जिससे कोई बड़ा पहाड़ खोदकर रास्ता बना देता है शायद जिद्द ही होती है कोई दुनियाँ मे मसहूर ताजमहल बना देता है शायद जिद्द ही होती जिससे एक गरीब लड़का scientist फिर राष्टपति बन जाता है शायद जिद्द ही होती जिससे कोई पेट्रोल पम्प पर काम करने वाला एक देश का बड़ा बिज़नस men बन जाता है दोस्तों आज में आपके साथ एक बहुत ही प्रेणादायी कहानी शेयर कर रहा हूँ
          जेक एक बहुत ही गरीब घर का लड़का था पापा एक मजदूर थे घर की condition ऐसी थी कि दो टाइम का खाना मिलना बहुत किस्मत की बात थी जेक की एक बहन थी जो 2nd standardपढ़ती थी जेक उससे एक साल छोटा था  वह अपनी बहन के साथ साथ स्कूल पहुँच जाया करता था एक दिन मास्टर जी ने सबसे अपनी जिंदगी का लक्ष्य बताने को कहा एक के बाद एक अपने aim को बता रहे थे मासूम जेक चुपचाप सब सुन रहा था सबसे last में msterji ने जेक को बुलाया और बोला कि तुम इस क्लास मे पढ़ते हो क्या जेक ने जबाब दिया नही मास्टर जी मे अपनी बहन के साथ आ जाता मेरी बहन पढ़ती है मास्टरजी ने फिर बोला की बताओ क्या बनना चाहते हो यह सुनकर क्लास के बच्चे बोल मास्टरजी ये तो मज़दूर ही बनेगा जेक चुपचाप खड़ा रहा मास्टरजी मुस्कुराये जैसे जेक पर व्यंग कर रहे हों मासूम जेक अभी भी चुप रहा उसकी बहन की आँखों से आंसू आने लगे शायद गरीबों को सपने देखने का अधिकार नहीं मास्टर जी मुड़कर जाने लगे तो जेक ने कपकपाती हुई आवाज मे कहा मास्टरजी मे एक बहुत बड़ा डॉक्टर बनूगा मास्टरजी ने मुड़कर खा beta तुम अभी छोटे हो  और मुस्कुराये उस दिन सारी क्लास ने जेक का मजाकक udaya कि ये मजदूर का लड़का डॉक्टर बनेगा जेक शाम को घर पहूँचा तो पापा ने पूछा बेटा आज इतने उदास क्यों हो जेक ने कहा पापा मे डॉक्टर बन चाहता हूँ यह मैंने स्कूल मे कहा तो मास्टरजी और सभी लड़को ने मेरा बहुत मजाक उड़ाया पापा ने कहा बेटा एक मजदूर के लड़के हो कर इतना बड़ा सपना देखोगे तो लोग मज़ाक उड़ायेंगे ही बेटा हम मजदूर है और तुम भी मजदूर बनोगे ये ही सच्चाई है जेक ने कहा मे इसको बदल दूँगा मे एक बड़ा डॉक्टर बनकर दिखाऊँगा।
                              30 साल बाद एक बुजुर्ग को एक अस्पताल मे लाया जाता है उसके परिवार वाले बहुत चिंतित लग रहे थे क्योंकि डॉक्टर ने बताया ताकि हार्ट सर्जरी के लिए विदेश से डॉक्टर बुलाना पड़ेगा खर्च बहुत आयेगा और ऑपरेशन सफल होने की सम्भावना 50% है सारी उम्र भर की कमाई जो उस बुजुर्ग ने कितनी मेहनत से जोड़ी थी वो भी उसकी जान बचाने के लिए पर्याप्त नही थी सभी हताश थे की इतने सारे पैसा का प्रबंध कैसे होगा । उसी समय डॉक्टर वर्मा परिवार वालो के पास आते है और कुछ बोलना ही चाहते हैं उससे पहले उस बुजुर्ग के परिवार वाले बोलते हैं कि उनके पास operation के लिए पैसे नही हैं इन शब्दों मे कितनी बेवसी होती हैं कितना दर्द होता है इसे वो व्यक्ति ही समझ पता है जो कभी ऐसी परिस्थिति से गुजरा हो । डॉक्टर वर्मा ने मुस्कुराते हुए जबाब दिया की डॉक्टर साहब भारत आ रहे हैं घूम ने के लिए तो वो मरीज को देख लेंगे फीस की चिंता आप न करें। दो दिन बाद विदेश से एक डॉक्टर आता है डॉक्टर वर्मा उनको मरीज दिखाते हैं मरीज को देखकर उस विदेशी डॉक्टर के हाव भाव बदल जाते है और डॉक्टर वर्मा से बोलता है कि वो इसी समय मरीज का ऑपरेशन करेंगे । जल्दी से आपरेशन की व्यवस्था की जाती है कभी देर तक आपरेशन चलता है। आपरेशन खत्म होने के बाद डॉक्टर वर्मा उस बुजुर्ग मरीज के परिवार वालो के पास जाकर बताते हैं कि आपरेशन सफल रहा कुछ घंटों बाद मरीज को होश भी आ जायेगा । कुछ घंटे बाद जब मरीज को होश आ जता है तो परिवार के सभी लोग मिलने जाते हैं उनके चेहरों पर खुशी और चिंता दोनों दिखाई दे रही थी । बुजर्ग मरीज देखकर सब समझ गया अपनी जिंदगी की सारी कमाई जाने वाली थी शायद अपना घर भी बेचना पड़े कितने सारे विचार मन मे आ रहे थे क्या इस उम्र मे भी ऐसा दिन देखना पड़ेगा कभी सोचा नही था । इतने में नर्स कुछ बिल लेकर आती है उससे देखकर सब की धड़कने बढ़ जाती हैं बिल मरीज के बड़े बेटे को दिया जाता है वो बिल को पढ़ता है खत मे लिखा था मास्टर जी आपके जेक duara सारा बिल चूका दिया गया है.....आपकी हंसी ने मेरी जिंदगी परिवर्तित कर दी सभी ने मेरा मजाक उड़ाया आपको और उन सब को शुक्रिया जिनके कारण मे एक बड़ा डॉक्टर बन पाया जब जब सब मुझ पर हँसते थे मेरे डॉक्टर बने का इरादा उतना ही मजबूत होता था मे दिखाना चाहता था उन सबको जो बहुत गरीब होते हैं जिनको  एक time का खाना भी नशीब नहीं होता जिनको बतया जाता है कि उनको अपनी सारी जिंदगी ये सी ही जीनी है जिनको बताया जाता है कि तुम कोई बड़ा सपना भी नही देख सकते जिनका हर पल मजाक उड़ाया जाता है मैं बताना चाहता हूँ उनको की जिद्द पर जब कोई आ जाता है तो एक छोटे किसान का बेटा देश का pm बन जाता है जब कोई जिद्द पर आ जाता है तो क्रिकेट का भगवान बन जाता है जब कोई जिद्द पर आ जाता है तो महा मुर्ख से महा कवि बन जाता है जब कोई जिद्द पर आजाता है तो ेेतीहास् बदल देता है जब कोई जिद्द पर आजाता है तो महान सिकंदर को भी खाली हाथ लौटना पड़ता है जिद्द बड़ी जिद्दी होती है मे बताना चाहता हूँ उनको जो मन मे हार कर बैठें उठो बता दो उनको जो आपसे बोलते हैं कि तुम ऐसा नही कर सकते की बो गलत हैं । ताकि किसी का फिर कोई मज़ाक न उड़ाये .......खत को सुनकर मास्टर जी (मरीज) को मासूम जेक का चेहरा नज़र आने लगता है और आँखों से आंसू की बर्षात यह बताती है कि वो गलत थे शायद...............@गौरव राजपूत

Popular Posts

पाँच बातें - हिंदी बेस्ट मोटिवेशनल कहानी

Hi दोस्तों स्वागत है आपका inhindistory  पर आज आपके लिए एक बहुत ही शिक्षाप्रद स्टोरी लेकर आये हैं उम्मीद है आपको काफी पसंद आएगी ।   पाँच बातें - हिंदी बेस्ट मोटिवेशनल कहानी बहुत समय की बात है एक गाँव मे शिवपाल नाम का एक युवक रहता था । उसकी माँ की death हो गयी तो उसके बाप ने दूसरी शादी कर ली । सौतेली माँ शिवपाल पर बहुत जुल्म करती थी। उसको खाना भी जो बच जाता वो ही मिलता । और घर के सारे काम भी शिवपाल ही करता था। काम करने में कुछ गलती हो जाती तो उसकी सौतेली माँ उसको बहुत मरती थी । इन सारे गम को और अपनी सारी समस्याओं को शिवपाल गाँव एक बूढ़े को बताता जिस उसको कुछ तसल्ली मिलती । वह बूढ़ा व्यक्ति भी शिवपाल को काफी चाहता था । वह शिवपाल को समझता और बहुत सारी ज्ञान की बातें बताता । शिवपाल भी उस बूढ़े व्यक्ति के पास जाकर अपने सारे गम भूल जाता।   एक दिन शिवपाल एक पोटली के साथ बूढ़े के पास पहुँचा और बोला बाबा आज इस गाँव से मेरा दान पानी उठ गया । अब मे इस गाँव को छोड़कर जा रहा हूँ। अब मुझ से माँ की गाली और बरदास्त नही होती हैं। बूढ़े ने बोला :-  बेटा और अच्छे से सोच लो इस अजनवी दुनिया मे

Top motivational free book pdf in hindi

Top motivational free book pdf in hindi Top motivational free book pdf in hindi इस पोस्ट में मैं आपको उन most popular motivational book के बारे में बताऊंगा। जो आपके पूरे जीवन को ही बदल देगी। साथ में top motivational free book pdf in hindi downlod करने की link bhi दूँगा जहाँ से आप free में motivational free book pdf को आसानी से downlod कर सकते हैं।     बुक सदियों से इंसान की दोस्त रहीं हैं। किताबें हमारी ऐसी दोस्त हैं जो हमारा उस समय में भी साथ देती हैं जब सब हमारा साथ छोड़ देते हैं। ये गम में हमारे साथ रोती हैं तो वहीं खुशियों में खिलखिलाती भी हैं। ये हमें अच्छे बुरे में फर्क करना बताती हैं । हमारी हर उत्सुकता और सवाल का जवाब बढे सुन्दर ढंग से देती हैं। हम किताबों का साथ छोड़ सकते हैं पर ये हमारा साथ कभी नही छोड़ती हैं। जब जीवन में घोर निराशा का अँधेरा होता है तो books ही  उम्मीद की किरण जलाती है।       आज मैं आपको most popular aur selling motivational book के बारे में बता रहा हूँ। इन सभी बुक्स मैं ने स्वयं पढ़ा है और मैं   ये गारन्टी से कह सकता हूँ कि यदि आप इन बुक को पढ़ते ह

कोरा ज्ञान ....एक emotional motivational कहानी

Hi दोस्तों आप हैं। प्रेणादायी chakhdey गौरव के साथ दोस्तों ज्यादतर हम लोग ऐसी शिक्षा प्राप्त करते हैं।जो सिर्फ किताबों तक सिमित होती है। एक तरह से पंगु बना देती है।हम आज इस टॉपिक पर विस्तार से बात करें।उससे पहले एक कहानी इस टॉपिक को खूबसूरत तरीके से बयाँ करती है।         एक बहुत बड़े पंडितजी रहते हैं।जिनकी ख्याति दूर- दूर तक फैली होती है।उनके प्रवचन सुनने के लिए लोग दूर -दूर से आते हैं।पंडितजी को इस बात का बड़ा घमण्ड रहता है।वो हमेशा अपनी तारीफ सुन्ना पसंद करते हैं ।एक बार सावन के महीने मे एक गांव मे भगवत कथा करनी होती है।पंडितजी के गांव और उस गांव के बीच एक बड़ी नदी बहती है ।जिसे नाव के द्वारा पर करना पड़ता है।पंडितजी शाम के समय नदी किनारे पहुचते है।वहां पर नाव चलने वाले मल्लाह को बुलाकर कहते हैं कि मुझे जल्दी नदी पर कर दो बहुत जरूरी काम है। मल्लाह हाथ जोड़कर बोलता है पंडितजी कुछ लोग और आजाएं तो मुझे थोड़ा फायदा हो जायेगा।पंडितजी गुस्से से लाल आंख करते हुए बोलते है मुर्ख तू जनता है मैं कौन हूँ।मेरा थोड़ा सा समय भी बहुत कीमती है।तू मुझ अकेले को नदी पर करायेगा तो मे तुझे किराया तो दू