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vivekanand story in hindi dhyan ki shakti


vivekanand story in hindi


    दोस्तों आज मैं आपके साथ स्वामी विवेकानंद जी की जीवन की एक और प्रेणादायी कहानी vivekanand story in hindi शेयर कर रहा हूँ
     
    बात शिकागो की है एक बार विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ टहलते हुए एक नदी के किनारे पर पहुँचे वहाँ पर देखते हैं कि कुछ लोग नदी मे बहने वाले अंडे के छिलकों पर बंदूक से निशाना लगा रहे हैं पर बहते हुए अंडो के छिलके पर किसी से भी निशाना नही लग रहा स्वामी जी ने कुछ देर यह सब देखा पर किसी से भी नदी मे बहते हुए अंडे के छिलकों पर निशाना नही लगा सब काफी मेहनत कर रहे थे स्वामी विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ उन बन्दों के पास गए जो निशाना लगा रहे थे और बोले की वह भी निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने आश्चर्य से स्वामी विवेकानंद को देखा क्योंकि वो एक सन्यासी के भेष मे थे और स्वामी विवेकानंद से पूछा की उन्होंने पहले कभीं निशाना लगया है तो स्वामी जी ने मुस्कुराकर जबाब दिया की के उन्होंने पहले कभी भी बन्दूक तक नही चलायी पर आज निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने स्वामीजी को अपनी बन्दूक दे दी विवेकानन्दजी ने ध्यान से अंडो के छिलकों को देखा और एक के बाद एक 6 निशाने लगाये सभी अचूक निशाने वहाँ पर उपस्थित सभी लोग आश्चर्य से स्वामी जी को देखने लगे स्वामी विवेकानंद मुस्कुरा रहे थे सभी निशानेबाजों ने स्वामी विवेकानन्द से पूछा की अपने ये कैसे किया तो स्वामी विवेकानंद ने जबाब दिया की यह तो कोई भी कर सकता है बस अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान केंद्रीत होना चाहिये और मन से सब डर को निकाल दो तो कोई भी कार्य कठिन नही तुम लोग जब निशाना लगा रहे थे तब तुम्हारा पूरा ध्यान अंडो के छिलकों पर नही था बल्कि इस बात पर था कि यह नही होगा इसलिए जिस बात पर तुम्हारा ध्यान था वही हुआ तुमसे निशाना नही लगा और मैं ने लगाया कि क्योंकि मेरा ध्यान केवल अपने aim पर था

        
               

   स्वामी विवेकानंद की यह कहानी हमे यह सीख देती है कि जो भी कार्य हम करते हैं उसमें सफलता उस कार्य पर हमारे ध्यान पर निर्भर करती है हम देखते है कि कुछ कार्य को कुछ लोग आसानी से कर लेते है और कुछ लोग कभी मेहनत के बाद भी नही कर पाते इसका कारण यह है कि वो उस कार्य पर ध्यान ही केंद्रित नही करते बस वैसे ही मेहनत करते रहते हैं जैसे story मे निशानेबाज कर रहे थे यदि आपको सफल होना है किसी कार्य मे तो आपका पूरा ध्यान उस कार्य पर होना चहिये यदि ऐसा करते हैं तो कोई कार्य असम्भव नही
                        दोस्तों जब हम कोई कार्य करते है तो हम यदि उस कार्य के बारे मे यदि सोचते है कि ये हम से नही हो पायेगा तो यह हमारे अचेतन mind मे फीड हो जाता है अब हम चेतन mind से कितना कार्य करें पर result वही आता है जोकि हमारे अचेतन मन मे हमने कार्य करने के पहले ही save कर के रखा है क्योंकि अचेतन मन की पावर चेतन mind की तुलना मे बहुत अधिक होती है तो जो व्यक्ति बहुत ज्यादा मेहनत कर रहा है पर result अच्छा नही आ रहा उसका एक ही कारण है कि उसने कहीं न कहीं ये mind मे save कर के रख लिया है कि यह कार्य उससे नही हो सकता यदि आप के साथ भी ऐसा है तो सारा डर निकाल दीजिये और अपने अचेतन mind को बता दो you can do it और फिर देखो result................@गौरव राजपूत
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