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Motivational

तेरे नाम का भी शोर होगा हिंदी कविता

 रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।। अपनी हार से स्वयं को यूँ ही न हताश कर , फिर हो जा उठ खड़ा फिर युद्ध का आगाज कर। जीत हार की छोड़  परवाह , स्वयं पर तु विश्वास कर , चीर निराशाओं के घोर अंधेरे , उम्मीदों का भोर होगा। रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।। युद्ध ही तेरा धर्म है , लड़ना ही तेरा कर्म है इस जीवन युद्ध मे न कभी तेरी हार होगी या सीख होगी या जीत होगी । त्याग अपने डर को तुझे लड़ना होगा , कभी गिरना होगा तो कभी उठना होगा।। चीर निराशाओं के घोर अंधेरे , उम्मीदों का भोर होगा। रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।।

जीत आपकी होगी........



जीत आपकी होगी



Hi दोस्तों पहले तो आप सभी का धन्यवाद देना चाहता हूँ क्योंकि आपके सभी के प्यार के कारण www.inhindistory.com ने बहुत ही कम समय मे काफी अच्छी growth की है।
         
        अब ज्यादा time न लेते हुए आज के टॉपिक पर आता हूँ दोस्तों  यदि सच्ची लगन हो   और उसके लिये कड़ी मेहनत की जाये तो जीत आपकी होगी कितनी भी मुश्किलें आयें फिर भी आप मैदान नही छोड़ते तो यकीन मानिए जीत आपकी ही होगी हालात बदसे बदतर हो जाएं सभी कहने लगे की तुझ से नही हो पायेगा तुमको भी लगने लगे की ये नही हो पायेगा फिर भी यदि आपके अंदर कहीं से आवाज आये की i do it तो यकीन मानिए जनाब आप बहुत special हो आप हजारों लाखों से अलग हो और जीत आपकी पक्की है । ऐसे ही एक बन्दे की real स्टोरी शेयर कर रहा हु जो लाखो युवाओं का real hero है........
         
   विजय शेखर .... paytm founder


Paytm के बारे मे तो आप सभी जानते होंगे पर इसके फाउंडर विजय शेखर शर्मा के बारे मे बहुत ही कम लोग जानते हैं । विजय शेखर शर्मा का जन्म 8 जुलाई 1973 को up के अलीगढ़ जिले के एक गाँव विजयगढ़ मे हुआ था। midle क्लास परिवार में जन्मे विजय शेखर के पिताजी एक ईमानदार स्कूल टीचर थे और माँ simple हाउस वाइफ। विजय शेखर ने हिंदी medim स्कूल से 12th तक की पढ़ाई पूरी की जब वो delhi कॉलेज ऑफ engineering से इंजीनियरिंग करने लगे तो english weak होने के कारण उन्हें बहुत परेशानी होती थी कुछ अच्छे से समझ नहीं आता था इस कारण वो क्लास से bunk मारने लगे एक समय ऐसा भी आया जो उनको लगने लगा की वो अपनी पढ़ाई पूरी नही कर पायेंगे और उनके मन मे घर बापस लौट जाने का ख्याल आने लगा लेकिन पर घर वालो की उम्मीदों को ऐसे नहीं तोडना चाहते थे इसलिये उन्होंने निर्णय लिया की वो अपनी इंग्लिश strong करेंगे । कहते हैं न जहाँ चाहे वहाँ राह यदि कोई बस था ठान ले की उसे वो करना है तो दुनिया मे कोई भी चीज असम्भव नहीं है । विजय शेखर ने अपनी इंग्लिश स्ट्रांग करने और टॉपिक को समझने के लिए एक मस्त योजना बनाई वो बाजार से book के दो version खरीदते एक हिंदी मे और उसी का इंग्लिश translation इस तरह हिंद मे टॉपिक को समझते और फिर इंग्लिश में ट्रांसलेशन पढ़ लेते 
                    

हर कोई बन्दा रुपए कमाने के बारे मे सोचता है रुपए कमाने के दो ही रास्ते होते हैं first तरीका खुद का कुछ बिज़नेस स्टार्ट कर लो और second किसी दूसरे के बिज़नेस को ज्वाइन कर लो मतलब job(join other business) दूसरे का काम करो जिसके बदले मे वो आपको कुछ sallary देगा और आपको बता दू की ये सैलरी वो खुद नहीं देता बल्कि जब बन्दा उसे 100000 का काम करके देगा तब उसी मे से 15 या 20 हजार sallary उस बन्दे को प्राप्त होगी ।इसलिए ऐसे बोलते हैं नौकरी रुपए कमाने का ये तरीका hot febrate है 80 -90% लोग सेकंड तरीके को ही अपनाना चाहते हैं लेकिन विजय शेखर उन 10% लोगो मे से थे जो first तरीके को बेस्ट मानते हैं जिन्हें अपना काम किसी के under करने की आदत नही होती जो अपनी मर्जी के मालिक बनना पसन्द करते हैं जो लोग कुछ अलग करना चाहते हैं अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं विजय शेखर yahoo के founder सबीर भाटिया की तरह internet क्षेत्र मे कुछ अलग करना चाहते थे इसलिये collage टाइम में ही जो खली समय मिलता था उसमें book पढ़-पढ़ कर coading सीखी और एक content मैनेजमेंट सिस्टम तैयार किया जिससे बहुत सारे अख़बार वाले use करते हैं।


                    विजय शेखर ने अपने engineering के 3rd year मे अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक कंपनी स्टार्ट की जिस का नाम रखा XS विजय शेखर ने इस कंपनी को 5लाख डॉलर मे lotus नेटवर्क को बेंच थी और उसी मे जॉब करने लगे पर उन्हें किसी के under काम करना पसंद नही आया और उन्होंने जॉब छोड़ दी
                   

                    जॉब छोड़ने के बाद विजय शेखर ने एक नई company की स्थापना की one 97 की पर ये कंपनी बुरी तरह फ्लॉप हो गई विजय शेखर के partners ने उनका साथ छोड़ दिया विजय शेखर रोड पर आ गए उनकी माली हालत इतने ख़राब हो गए की वो सारा सारा दिन बिना कुछ खाये सिर्फ चाय पीकर ही गुजर देते थे ।ऐसे मे कोई और होता तो हालात के सामने घुटने टेक देता पर विजय शेखर ने हार नही मानी । ऐसी समय बाजार मे स्मार्टफोन आने लगे तब विजय शेखर के दिमाग मे cash less ट्रांसिक्शन का idea आया और उन्होंने 2001 मे paytm की स्थापना की जो आज 15 हजार करोड़ से भी अधिक की कंपनी है विजय शेखर को  इंडियाज़ हॉटेस्ट लीडर अंडर 40 के लिए इकोनॉमिक्स टाइम ने चुना विजय शेखर ने बता दिया की मिडिल क्लास का कोई भी बन्दा milinior बन सकता है ।आज हजारो युवा विजय शेखर को अपना रोल मॉडल मानते है बस अंत मे इतना ही कहुगा की
       

           "हालात के सामने घुटने मत टेको बल्कि हालात को अपने सामने घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दो"
    
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