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Motivational

तेरे नाम का भी शोर होगा हिंदी कविता

 रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।। अपनी हार से स्वयं को यूँ ही न हताश कर , फिर हो जा उठ खड़ा फिर युद्ध का आगाज कर। जीत हार की छोड़  परवाह , स्वयं पर तु विश्वास कर , चीर निराशाओं के घोर अंधेरे , उम्मीदों का भोर होगा। रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।। युद्ध ही तेरा धर्म है , लड़ना ही तेरा कर्म है इस जीवन युद्ध मे न कभी तेरी हार होगी या सीख होगी या जीत होगी । त्याग अपने डर को तुझे लड़ना होगा , कभी गिरना होगा तो कभी उठना होगा।। चीर निराशाओं के घोर अंधेरे , उम्मीदों का भोर होगा। रुक न तु , थक न तु  तेरे नाम का भी शोर होगा। तुझ को भी मिलेगी मंजिल , तेरा भी एक दौर होगा।।

mobile ki lat se chutkara

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Hi दोस्तों आज हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण topic पर बात करेंगे। वो है mobile addiction...by Gaurav rajput 


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क्या है मोबाइल addiction - तकनीक हमारे जीवन को बहुत ही बेहतर बनाती है पर जब उसका उपयोग एक सीमा से ज्यादा किया जाए तो वो जीवन के लिए खतरा भी बन जाती है । वैसे ही मोबाइल हमारे जीवन को बहुत ही आसान बनाता है इसकी सहायता से हम communication कर सकते हैं और दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकते है ।पर आजकल बहुत सारे युवा इसके आदी हो गए है । मोबाइल को जरुरत से ज्यादा उसे use कर रहें हैं । social मीडिया या किसी गेम में अपना टाइम बर्बाद करते हैं।और चाह कर भी मोबाइल को ज्यादा देर तक अपने से दूर नहीं रख सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार 60% मोबाइल use करने वाले युवा mobile addict  हो चुके हैं। जो की वैसा ही नशा है जो किसी अन्य नशीले पदार्थो को लेने से होता है।



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कहीं आप तो मोबाइल addicted तो नहीं -  हो सकता है आप भी मोबाइल addicted हो मुख्य लक्षण -


1. आप 4 से 5 घंटे मोबाइल का use daily कर रहे हो।

2. बार बार notifiacation देखना दिन में औसतन 150 से अधिक बार।

3. बिना बजह सोशल मीडिया app को बार बार check करना।

4. देर रात तक सोशल मीडिया पर एक्टिव रहना

5. मोबाइल को अपने से 2 या 3 घंटे तक दूर न रख पाना।

6. किसी गेम की लत घंटो तक खेलना etc

दुष्प्रभाव -


1. आँखों के चारों ओर काले घेरे ( darc circle) बन जाते हैं।

2. कॉम्पिटिक्शन exam की तैयारी करने वाले students का बहुत time ख़राब हो जाता है।

3. स्वाभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।

4. आस पास real लाइफ में क्या हो रहा उसका पता नहीं लगता जिससे सामाजिक जीवन प्रभावित होता है।

5. अपने परिवार और अपने घर वालों को टाइम नही दे पाते।

6. सोचने , समझने और फोकस करने की समझता को बहुत बुरी तरह प्रभावित करता है। जिससे आपकी एकाग्रता में कमी आ जाती है।

7. लगतार डिजिटल स्क्रीन देखने से आँखों और दिमाग पर खराब असर पड़ता है। कम रोशनी में लगतार स्क्रीन देखने पर आँखों की रौशनी भी जा सकती है।

8. Depression में चले जाना।
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मोबाइल की लत छोड़ने के उपाय -


1. समय निश्यचित कीजिये की social मीडिया दिन में 1 घंटे ही use करना है।

2. हो सके तो मोबाइल नोटिफिकेशन को ऑफ ही रखें । msg का जबाब लंच या डिनर के बाद देना निश्यचित करें।

3. अपने आपको फ्री जोन में रखें अर्थात दिन में 3 से 4 घंटे बिना मोबाइल के रहें।

4. मोबाइल पर टाइम ख़राब करने की जगह वह टाइम अपने परिवार वालो को दें।

5. Students मोबाइल पर टाइम ख़राब करने की जगह 4 या 5 घण्टे study को दें।

6. मोबाइल एप्प से पढ़ने की जगह book से पढ़ने की आदत डालें।


       दोस्तों मोबाइल एक communication device है उसे वैसे ही use करें । आप mobile को control करें न की मोबाइल आपको । धन्यवाद यदि पोस्टअच्छी लगे तो शेयर करें comment करें और like करें। अपने और दोस्तों को inhindistory. com के बारे में बताएं।

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