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आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं? Self Confidence बढ़ाने के 10 बेहतरीन तरीके

  आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं? Self Confidence बढ़ाने के 10 बेहतरीन तरीके यदि जीवन को भरपूर जीना हो तो आत्मविश्वाश जरुरी है , यदि खुद की अलग पहचान बनानी है तो self confidence  जरुरी है स्कूल लाइफ से professional life  तक आत्मविश्वास की जरुरत होती है। जिन व्यक्तियों के अंदर आत्मविश्वास नही  होता वो तनावग्रस्त हो जाते हैं । उदास रहने लगते हैं उन्हें जीवन नीरस प्रतीत होने लगता है , कोई कार्य करने में मन नही लगता  है। जो व्यक्ति आत्मविश्वासी होतें है वो ही अपने जीवन को अपने अनुसार जीते हैं और अपने सपनो को पूरा करते हैं। क्या होता है आत्मविश्वास  ? What is self confidence -   आत्मविश्वास दो शब्दों से मिलकर बना है आत्म + विश्वास जिसका अर्थ होता है स्वयं पर विश्वास । यदि हम को अपने ऊपर विश्वास है तो वो हमारा आत्मविश्वास कह लायेगा। यदि आपको कोई ऐसा कार्य करने  के लिए बोला जाये जो आपने कभी नही किया । तो आपके पास  दो ऑप्शन होंगे या तो आप बोल दोगे की आप वो कार्य नही कर सकते क्योंकि अपने पहले कभी नही किया । दूसरा ऑप्शन आप बोलो की मैंने ये कार्य पहले कभी नही किया पर मैं कोशिश कार्य को करने की कोशिश जरू

नये वर्ष 2021 को कैसे बनाये खास

  नये वर्ष 2021 को कैसे बनाये खास   Hi दोस्तों आप सभी का स्वागत है , आपको पता ही है कि 2020 जाने वाला है और एक नई उमंग , नई उम्मीद , नये उत्साह लेकर 2021 आने वाला है। 2020 में कोरोना महामारी और lockdown के कारण काफी परेशानी भरा रहा। कई लोगों ने अपनी जान गवा दी तो बहुत से लोगो को अपनी रोजी रोटी गवांनी पड़ी।  2020 में कभी ऐंसा लगा की जिंदगी थम सी गई है  तो कभी ऐसा लगा की हम शायद कोई बुरा सपना देख रहे हैं।          खैर अब हम 2020 की यादो और सिखों के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार हो जाना चाहिए। सब कुछ भुलाकर feature पर  focus करना चाहिये । हर साल की तरह नया वर्ष आता है और चला जाता है । यदि आपको 2021 को कुछ खास बनाना है तो जो बातें आज बतायी जा रही है उनको follow करें निश्चित ही आप 2021 को अपने जीवन का खास साल बना सकतें है।           2021 में आप वो सब पा सकते हो जिसके अपने सपने देखें हो , 2020 में अपने क्या किया इससे कोई फर्क नही पड़ता 2021 अब जो करोगे वो आपकी जिंदगी की दिशा तय करेगा। इस बार  फिर ईश्वर ने आपको 365 दिन दिए है। अब आपको निर्णय लेना है कि आप ईश्वर के इस बहुमूल्य तोफे का उपयोग कैसे करे

ईदगाह हिंदी कहानी

ईदगाह हिंदी कहानी  हिंदी कहानियों के श्रेष्ठ संग्रह में आज की कहानी ईदगाह मुंशी प्रेमचंद की श्रेष्ठ कहानियों में से एक है। इस कहानी में मुंशी प्रेमचंद ने एक बुढ़ी गरीब दादी का अपने पोते और पोते का अपनी दादी के प्रति मार्मिक प्रेम का बहुत ही अच्छा वर्णन किया है। रमजान के पूरे तीस रोजों के बाद ईद आयी है। कितना मनोहर, कितना सुहावना प्रभाव है। वृक्षों पर अजीब हरियाली है, खेतों में कुछ अजीब रौनक है, आसमान पर कुछ अजीब लालिमा है। आज का सूर्य देखो, कितना प्यारा, कितना शीतल है, यानी संसार को ईद की बधाई दे रहा है। गाँव में कितनी हलचल है। ईदगाह जाने की तैयारियाँ हो रही हैं। किसी के कुरते में बटन नहीं है, पड़ोस के घर में सुई-धागा लेने दौड़ा जा रहा है। किसी के जूते कड़े हो गए हैं, उनमें तेल डालने के लिए तेली के घर पर भागा जाता है। जल्दी-जल्दी बैलों को सानी-पानी दे दें। ईदगाह से लौटते-लौटते दोपहर हो जायगी। तीन कोस का पैदल रास्ता, फिर सैकड़ों आदमियों से मिलना-भेंटना, दोपहर के पहले लौटना असम्भव है। लड़के सबसे ज्यादा प्रसन्न हैं। किसी ने एक रोजा रखा है, वह भी दोपहर तक, किसी ने वह भी नहीं, लेकिन ईदगाह जा

हिंदी कहानी - उसने कहा था

उसने कहा था a love story यह एक love story ( प्यार की कहानी) है जिसे  चंद्रधर शर्मा गुलेरी जी ने लिखी है। बड़े-बड़े शहरों के इक्के-गाड़ीवालों की जबान के कोड़ों से जिनकी पीठ छिल गई है, और कान पक गए हैं, उनसे हमारी प्रार्थना है कि अमृतसर के बंबूकार्टवालों की बोली का मरहम लगावें। जब बड़े-बड़े शहरों की चौड़ी सड़कों पर घोड़े की पीठ चाबुक से धुनते हुए, इक्केवाले कभी घोड़े की नानी से अपना निकट-संबंध स्थिर करते हैं, कभी राह चलते पैदलों की आँखों के न होने पर तरस खाते हैं, कभी उनके पैरों की अँगुलियों के पोरों को चींथ कर अपने-ही को सताया हुआ बताते हैं, और संसार-भर की ग्लानि, निराशा और क्षोभ के अवतार बने, नाक की सीध चले जाते हैं, तब अमृतसर में उनकी बिरादरीवाले तंग चक्करदार गलियों में, हर-एक लड्ढीवाले के लिए ठहर कर सब्र का समुद्र उमड़ा कर बचो खालसा जी। हटो भाई जी। ठहरना भाई। आने दो लाला जी। हटो बाछा, कहते हुए सफेद फेंटों, खच्चरों और बत्तकों, गन्ने और खोमचे और भारेवालों के जंगल में से राह खेते हैं। क्या मजाल है कि जी और साहब बिना सुने किसी को हटना पड़े। यह बात नहीं कि उनकी जीभ चलती नहीं; पर मीठी छुरी

Sunderkand tulsidas

सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड - तुलसीदास रामचरितमानस के सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड को शेयर कर रहे हैं। भगवान राम के सभी भक्त यहां से अपने आराध्य श्री राम भगवान के पावन चरित को पढ़ सकते हैं । सुन्दरकाण्ड सभी प्राणियों को सुख समृद्धि और आत्मिक शांति प्रदान करता है। शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशंभुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदांतवेद्यं विभुम्‌। रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं हरिं वन्देऽहं करुणाकरं रघुवरं भूपालचूडामणिम्‌॥ 1॥ शांत, सनातन, अप्रमेय (प्रमाणों से परे), निष्पाप, मोक्षरूप परमशांति देनेवाले, ब्रह्मा, शंभु और शेष से निरंतर सेवित, वेदांत के द्वारा जानने योग्य, सर्वव्यापक, देवताओं में सबसे बड़े, माया से मनुष्य रूप में दिखनेवाले, समस्त पापों को हरनेवाले, करुणा की खान, रघुकुल में श्रेष्ठ तथा राजाओं के शिरोमणि, राम कहलानेवाले जगदीश्वर की मैं वंदना करता हूँ॥ 1॥ नान्या स्पृहा रघुपते हृदयेऽस्मदीये सत्यं वदामि च भवानखिलान्तरात्मा। भक्तिं प्रयच्छ रघुपुंगव निर्भरां मे कामादिदोषरहितं कुरु मानसं च॥ 2॥ हे रघुनाथ! मैं सत्य कहता हूँ और फिर आप सबके अंतरात्मा ही हैं (सब जानते ही हैं) कि मेर