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पत्नी किसकी ... Betal pachisi dusri story in hindi

Hi दोस्तों स्वागत है आपका inhindistory.com पर betal pachisistory in hindi सीरीज की दूसरी story  आज पोस्ट कर की जा रही है। इसके पहले वाली story
पिछली पोस्ट में पढ़ सकते है
Starting story betal pachisi in hindi
1st story betal pachisi  in hindi

अब दूसरी story in hindi




पत्नी किसकी ... Betal pachisi dusri story in hindi

विक्रम पुनः उसी शिंशपा-वृक्ष के नीचे पहुंचे। वहां चिता की
मटमैली रोशनी में उनकी नजर भूमि पर पड़े उस शव पर पड़ी जो धीरे-धीरे कराह
रहा था।

उन्होंने शव को उठाकर कंधे पर डाला और चुपचाप उसे उठाए तेज गति से लौट
पड़े।

कुछ आगे चलने पर शव के अंदर से बेताल की आवाज आई-"राजन ! तुम
अत्यंत अनुचित क्लेश में पड़ गए, अतः तुम्हारे मनोरंजन के लिए मैं एक कहानी
सुनाता हूं, सुनो।"

यमुना किनारे ब्रह्मस्थल नाम का एक स्थान है, जो ब्राह्मणों को दान में मिला
हुआ था। वहां वेदों का ज्ञाता अग्निस्वामी नाम का एक ब्राह्मण था। उसके यहां
मन्दरावती नाम की एक अत्यंत रूपवती कन्या उत्पन्न हुई। जब वह कन्या युवती
हुई, तब तीन कान्यकुब्ज ब्राह्मण कुमार वहां आए जो समान भाव से समस्त गुणों से
अलंकृत थे।

उन त…

पाप किस को लगा......betal pachisi first story in hindi

दोस्त betal pachisi स्टोरी सीरीज की पहली कहानी आज inhindistory पर शेयर कर रहे है। betal pachisi starting story पहले ही पोस्ट की जा चुकी है । जिसे आप पढ़ ले ताकि आगे की story आपको आसानी से समझ आ जाये।  पाप किस को लगा......betal pachisi first story in hindiBetal pachisi story in hindi


आर्यावर्त में वाराणसी नाम की एक नगरी है, जहां भगवान शंकर निवास करते हैं। पुण्यात्मा लोगों के रहने के कारण वह नगरी कैलाश-भूमि के समान जान पड़ती है। उस नगरी के निकट अगाध जल वाली गंगा नदी बहती है जो उसके कंठहार की तरह सुशोभित होती है। प्राचीनकाल में उस नगरी मे एक राजा राज करता था, जिसका नाम था प्रताप मुकुट । Betal pachisi story in hindi
प्रताप मुकुट का वज्रमुकुकट नामक एक पुत्र था जो अपने पिता की ही भांति बहत धीर, वीर और गंभीर था। वह इतना सुंदर था कि कामदेव का साक्षात् अवतार लगता था। राजा के एक मंत्री का बेटा बुद्धिशरीर उस वज्रमुकुट का घनिष्ठ मित्र था। एक बार वज्रमुकुट अपने उस मित्र के साथ जंगल में शिकार खेलने गया। वहां घने जंगल के बीच उसे एक रमणीक सरोवर दिखाई दिया, जिसमें बहुत-से कमल के सुंदर-सुंदर पुष्प खिले हुए थे। उसी …

बेहतरीन english quote in hindi

बेहतरीन english quote in hindi
दोस्तों कुछ बेहतरीन english quote का हिंदी ट्रांसलेशन आप लोगो के साथ share कर रहे हैं



Quotes in hindi

मेरे सामने मत चलो ... मैं अनुसरण नहीं कर सकता मेरे पीछे मत चलो ... मैं नेतृत्व नहीं कर सकता
मेरे बगल में चलो ... बस मेरा दोस्त बनो आपकी मर्जी के बिना कोई आपको हीन महसूस नहीं करवा सकता। बिना पुस्तकों वाला कमरा आत्मा के बिना शरीर के समान है।
Roy T. Bennett Quote in hindi

Quotes in hindi


अपने लक्ष्यों का पीछा करते समय आपके पास पहले से जो कुछ भी है उसके लिए आभारी रहें। दयालुता का एक यादृच्छिक कार्य, चाहे कितना छोटा हो, किसी और के जीवन पर एक जबरदस्त प्रभाव डाल सकता है।


एलबर्ट केमस



Quotes in hindi
मैं स्वार्थी, अधीर और थोड़ा असुरक्षित हूं। मैं गलतियां करता हूं, मैं नियंत्रण से बाहर हूं और कई बार मुश्किल से निपट पाता हूं। लेकिन अगर आप मुझे अपने सबसे खराब तरीके से नहीं संभाल सकते हैं, तो आपको यकीन है कि नरक मेरे लायक नहीं है। मैरिलिन मुनरो
Quotes in hindi
हम बहादुरी के सामान्य कृत्यों में विश्वास करते हैं, साहस में जो एक व्यक्ति को दूसरे के लिए खड़े होने के लिए प्रे…

बैताल पचीसी – भवभूति | Baital Pachisi by Bhavabhuti in Hindi story

बैताल पचीसी – भवभूति | Baital Pachisi by Bhavabhuti in Hindi story

बैताल पच्चीसी राजा विक्रमादित्य के शासन की न्याय प्रियता का परिचय देती है। इस 25 रोचक कहानियों का संग्रह है जो एक से बढ़ कर एक हैं । हर कहानी के अंत में दिमाग को हिला देने वाला गूढ़ सवाल होता है । जिसे बैताल , राजा विक्रम से पूछता है।बैताल पच्चीसी की रचना बेताल भट्टरावने की थी। ये kahaniyan भारत के साथ साथ अन्य देशों में भी कभी प्रसिद्ध । इन कहानियों का अन्य कई भाषााओं में भी अनुवाद हो चूका है । हम सभी 25  kahaniyan  हमारी वेबसाइट inhindistory.com पर share करेंंगे ।


     Starting of baital pachisi in hindi

In hindi story
प्राचीन काल की बात है, तब उज्जयनी (वर्तमान में उज्जैन) में महाराज विक्रमादित्य
राज किया करते थे। विक्रमादित्य हर प्रकार से एक आदर्श राजा थे। उनकी दानशीलता
की कहानियां आज भी देश के कोने-कोने में सुनी जाती हैं। राजा प्रतिदिन अपने दरबार
में आकर प्रजा के दुखों को सुनते व उनका निवारण किया करते थे। एक दिन राजा के
दरबार में एक भिक्षु आया और एक फल देकर चला गया। तब से वह भिक्षु प्रतिदिन
राजदरबार में पहुंचने लगा। वह राजा…

desh bhakti kavita on 26 january

desh bhakti kavita on 26 january
Desh bhakti kavita in hindi on 26 January आपके साथ शेयर कर रहे हैं जो आपको देश भक्ति के रंग में रंग देगी।

Atal bihari bajpayee ji ki kavitayen:-


बाधाएं आती हैं आएं घिरें प्रलय की घोर घटाएं, पावों के नीचे अंगारे, सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं, निज हाथों में हंसते-हंसते, आग लगाकर जलना होगा। कदम मिलाकर चलना होगा।












हास्य-रूदन में, तूफानों में, अगर असंख्यक बलिदानों में, उद्यानों में, वीरानों में, अपमानों में, सम्मानों में, उन्नत मस्तक, उभरा सीना, पीड़ाओं में पलना होगा। कदम मिलाकर चलना होगा।










उजियारे में, अंधकार में, कल कहार में, बीच धार में, घोर घृणा में, पूत प्यार में, क्षणिक जीत में, दीर्घ हार में, जीवन के शत-शत आकर्षक, अरमानों को ढलना होगा। कदम मिलाकर चलना होगा।











सम्मुख फैला अगर ध्येय पथ,
प्रगति चिरंतन कैसा इति अब,
सुस्मित हर्षित कैसा श्रम श्लथ,
असफल, सफल समान मनोरथ,
सब कुछ देकर कुछ न मांगते,
पावस बनकर ढलना होगा।
कदम मिलाकर चलना होगा।

कुछ कांटों से सज्जित जीवन,
प्रखर प्यार से वंचित यौवन,
नीरवता से मुखरित मधुबन,
परहित अर्पित अपना तन-मन,
जीवन को शत-शत आहुति में,

shubhash chandra bos 123rd birth anniversary

shubhash chandra bos 123rd birth anniversary :-

आज पूरा देश 23rd जनवरी 2020 को शुभाष चंद्र बोस की 123rd birth anniversary  मना रहा है। 
सुभाष चंद्र का जन्म 23 jan 1897 में cuttack odisa में हुआ और 18 aug 1945 को नेताजी का स्वर्गवास एक विमान दुर्घटना के कारण हो गया।
देश की आजादी में शुभाष चंद्र बोस का अतुलनीय योगदान रहा। लोग उन्हें प्यार से नेताजी कहकर बुलाते थे।  वह 1938 से 1939 तक indian national congress के president रहे। 21 oct 1943 को नेताजी ने आजाद हिंद फौज का गठन किया। शुभाष चंद्र का प्रसिद्ध qoute था 
"तुम मुझे खून दो , मैं तुम्हे आजादी दूँगा।"शुभाष चंद्र बोस 

शुभाष चंद्र बोस के लिए लिखी गई प्रसिद्ध कविता:- नेताजी का तुला दान
देखा पूरब में आज सुबह, एक नई रोशनी फूटी थी। एक नई किरन, ले नया संदेशा, अग्निबान-सी छूटी थी॥
एक नई हवा ले नया राग, कुछ गुन-गुन करती आती थी। आज़ाद परिन्दों की टोली, एक नई दिशा में जाती थी॥
एक नई कली चटकी इस दिन, रौनक उपवन में आई थी। एक नया जोश, एक नई ताज़गी,  हर चेहरे पर छाई थी॥
नेताजी का था जन्मदिवस, उल्लास न आज समाता था। सिंगापुर का कोना-कोना,  मस्…

republic day shayari in hindi

republic day shayari in hindi 
Hi  दोस्तों , पहले तो आप सभी को republic day की advance में शुभकामनाएं। इस पोस्ट में कुछ बेस्ट शायरी और कविताओं को शेयर कर रहा हूँ । उम्मीद है आपको पसंद  आयेगीं। 
republic day shayari in hindi  -:
प्यार करना है तो अपने देश से कर, सीमा पर जा दुश्मन की गोली से मर,
प्यार करना है तो अपने बूढ़े माँ बाप से कर, जो की तेरा फर्ज है।
प्यार करना है तो अपनी देश की मिटटी से कर, जिसका तुझ पर कर्ज है।।
जिस दिन तू मेरी बात समझ जायेगा , उस दिन कोई मजनू लैला पर नही सेदा होगा,
हर कोख से सिर्फ भगत सिंह पैदा होगा।।
जय हिन्द जय भारत




Deshbhakti shayari :-

फूलों की दुकानें खोलो, खुशबू का व्यापार करो मुल्क से इश्क़ करना खता है तो, ये खता एक बार नहीं, सौ बार करो।।
जय हिंद जय भारत

Desh bhakti kavita :-
वह खून कहो किस मतलब का जिसमें उबाल का नाम नहीं। वह खून कहो किस मतलब का आ सके देश के काम नहीं।
जय हिंद जय भारत
Kumar vishavash best desh bhakti kavita :-
होठों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो :-
दौलत ना अता करना मौला, शोहरत ना अता करना मौला बस इतना अता करना चाहे जन्नत ना अता करना मौला …