सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

प्रेरणादायी हिंदी quote

Quote in hindi


Quotes in hindi / अनमोल विचार जो आपको motivate करेंगे । कुछ best quotes in hindi शेयर कर रहे हैं।


Quote in hindi 1 :-

       "Money is not defination of success"







QUOTE IN HINDI

याद रखिये, किसी भी चीज को seriously नही लेना है, Frustration , कहीं ना कहीं एक इशारा है कि आप चीजों को बहुत seriously ले रहे हैं।





Quotes in hindi :- 



अगर जिंदगी में कुछ हासिल करना है तो तरीके बदलो इरादे नही। 


Quotes in hindi:-



हम हमेशा ये सोचते हैं कि हमारे पास क्या नही है , हम कभी ये नही सोचते की हमारे पास क्या है।



Quotes in hindi:-


अगर किसी बच्चे को खिलौना न दिया जाये तो वो कुछ देर तक रोयेगा पर यदि उसे संस्कार न दिए जायें तो वो जिंदगी भर रोयेगा।




QUOTES IN HINDI :- 


परवाह नही जमाना कितना भी खिलाफ हो चलूँगा उसी राह पर जो सीधी और साफ हो।



Quotes in hindi :-


फर्क केवल सकारात्मक सोच या नकारात्मक सोच का होता है वरना सीढ़ियां तो वही हो होती हैं जो किसी के लिए ऊपर तो किसी के लिए नीचे जाती हैं।


Quotes in hindi :-




एक अच्छा रिश्ता हवा की तरह होना चाहिए , खामोश मगर आस पास



यदि आपको QUOTE IN HINDI पोस्ट पसन्द आयी हो तो शेयर जरूर करें। आपके पास भी कोई motivational story, quotes हो तो हमें inhindistory@gmail .com पर send करें। धन्यवाद!

Popular Posts

कोरा ज्ञान ....एक emotional motivational कहानी

Hi दोस्तों आप हैं। प्रेणादायी chakhdey गौरव के साथ दोस्तों ज्यादतर हम लोग ऐसी शिक्षा प्राप्त करते हैं।जो सिर्फ किताबों तक सिमित होती है। एक तरह से पंगु बना देती है।हम आज इस टॉपिक पर विस्तार से बात करें।उससे पहले एक कहानी इस टॉपिक को खूबसूरत तरीके से बयाँ करती है।         एक बहुत बड़े पंडितजी रहते हैं।जिनकी ख्याति दूर- दूर तक फैली होती है।उनके प्रवचन सुनने के लिए लोग दूर -दूर से आते हैं।पंडितजी को इस बात का बड़ा घमण्ड रहता है।वो हमेशा अपनी तारीफ सुन्ना पसंद करते हैं ।एक बार सावन के महीने मे एक गांव मे भगवत कथा करनी होती है।पंडितजी के गांव और उस गांव के बीच एक बड़ी नदी बहती है ।जिसे नाव के द्वारा पर करना पड़ता है।पंडितजी शाम के समय नदी किनारे पहुचते है।वहां पर नाव चलने वाले मल्लाह को बुलाकर कहते हैं कि मुझे जल्दी नदी पर कर दो बहुत जरूरी काम है। मल्लाह हाथ जोड़कर बोलता है पंडितजी कुछ लोग और आजाएं तो मुझे थोड़ा फायदा हो जायेगा।पंडितजी गुस्से से लाल आंख करते हुए बोलते है मुर्ख तू जनता है मैं कौन हूँ।मेरा थोड़ा सा समय भी बहुत कीमती है।तू मुझ अकेले को नदी पर करायेगा तो मे तुझे किराया तो दू

Top motivational free book pdf in hindi

Top motivational free book pdf in hindi Top motivational free book pdf in hindi इस पोस्ट में मैं आपको उन most popular motivational book के बारे में बताऊंगा। जो आपके पूरे जीवन को ही बदल देगी। साथ में top motivational free book pdf in hindi downlod करने की link bhi दूँगा जहाँ से आप free में motivational free book pdf को आसानी से downlod कर सकते हैं।     बुक सदियों से इंसान की दोस्त रहीं हैं। किताबें हमारी ऐसी दोस्त हैं जो हमारा उस समय में भी साथ देती हैं जब सब हमारा साथ छोड़ देते हैं। ये गम में हमारे साथ रोती हैं तो वहीं खुशियों में खिलखिलाती भी हैं। ये हमें अच्छे बुरे में फर्क करना बताती हैं । हमारी हर उत्सुकता और सवाल का जवाब बढे सुन्दर ढंग से देती हैं। हम किताबों का साथ छोड़ सकते हैं पर ये हमारा साथ कभी नही छोड़ती हैं। जब जीवन में घोर निराशा का अँधेरा होता है तो books ही  उम्मीद की किरण जलाती है।       आज मैं आपको most popular aur selling motivational book के बारे में बता रहा हूँ। इन सभी बुक्स मैं ने स्वयं पढ़ा है और मैं   ये गारन्टी से कह सकता हूँ कि यदि आप इन बुक को पढ़ते ह

vivekanand story in hindi dhyan ki shakti

vivekanand story in hindi     दोस्तों आज मैं आपके साथ स्वामी विवेकानंद जी की जीवन की एक और प्रेणादायी कहानी  vivekanand story in hindi   शेयर कर रहा हूँ           बात शिकागो की है एक बार विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ टहलते हुए एक नदी के किनारे पर पहुँचे वहाँ पर देखते हैं कि कुछ लोग नदी मे बहने वाले अंडे के छिलकों पर बंदूक से निशाना लगा रहे हैं पर बहते हुए अंडो के छिलके पर किसी से भी निशाना नही लग रहा स्वामी जी ने कुछ देर यह सब देखा पर किसी से भी नदी मे बहते हुए अंडे के छिलकों पर निशाना नही लगा सब काफी मेहनत कर रहे थे स्वामी विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ उन बन्दों के पास गए जो निशाना लगा रहे थे और बोले की वह भी निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने आश्चर्य से स्वामी विवेकानंद को देखा क्योंकि वो एक सन्यासी के भेष मे थे और स्वामी विवेकानंद से पूछा की उन्होंने पहले कभीं निशाना लगया है तो स्वामी जी ने मुस्कुराकर जबाब दिया की के उन्होंने पहले कभी भी बन्दूक तक नही चलायी पर आज निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने स्वामीजी को अपनी बन्दूक दे दी विवेक