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hindi story with morals

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hindi story with morals story

बहुत समय पहले एक राज्य था । वहाँ पर कोई भी राजा नही था जिससे राज्य में बहुत अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई राज्य के सभी लोग परेशान थे । क्योंकि राज्य में राजा न होने के कोई भी कानून व्यवस्था न थी । इस समस्या को सुलझाने के लिए राज्य के लोगो ने एक सभा की और उसमें निर्णय लिया गया कि राज्य को यदि खुशहाल बनाना है और उसका विकाश करना है तो राज्य में एक राजा होना बहुत आवश्यक है । राज्य के राजा को चुनने के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा और जो उस प्रतियोगिता को जीतेगा उसे राज्य का राजा घोषित कर दिया जावेगा। सर्वसम्मति से ये प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया कि अगले माह की सरद पूर्णिमा के दिन प्रतियोगिता का आयोजन होगा । प्रतियोगिता कैसी होगी उसी दिन निर्धारित करेंगे । इस प्रकार सभा खत्म हुए और सभी ख़ुशी ख़ुशी अपने घर की और चल दिए सब के मन में बहुत उत्साह था हर कोई राजा बनाना चाहता था।

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                सरद पूर्णिमा के दिन सभी लोग एक जगह एकात्रित हो जाते हैं । तभी एक बुजुर्ग व्यक्ति सभी से बोलता है कि आप लोगो को यह पहाड़ दिख रहा है जो भी बिना रुके इस पहाड़ की सबसे ऊँची चोटी पर बिना रुके सबसे पहले पहुँच जायेगा उसे राज्य का राजा घोषित कर दिया जावेगा । जैसे ही सबने ये बात सुनी सब पहाड़ की और दौड़ पड़े और उस पर चढ़ने लगे । पहाड़ बहुत ही ऊँचा था और उस पर चढ़ना बड़ा ही कठिन था क्योंकि पत्थर के फिसलने से मौत की भी आशंका यही खैर फिर भी सभी पहाड़ पर चढ़ने लगे सभी के मन में एक ही तमन्ना थी की वो ही राजा बनें । पर ये क्या कुछ ही समय में सबकी हिम्मत जवाब देने लगी । कुछ लोगो की चोटी पर पहुँचना असम्भव है । और उन्होंने चढ़ना बन्द कर दिया और जो उनसे थोड़ा ज्यादा ऊपर थे उनको भी चिल्लाकर बोलने लगे । अरे भाई लौट आओ चोटी बहुत ऊँची है और पत्थर भी फिसल रहें है। ऊपर जाना असम्भव है अपनी जान की सलामती चाहते हो तो लौट आयो । जब ऊपर वालों ने सुना तो उन्हें भी लगने लगा कि सचमुच चोटी पर जाना कठिन है । और वो भी ऊपर चढ़ने का इरादा छोड़ नीचे उतरने लगे सभी मन से हार गए थे। तभी एक व्यक्ति बोलता है देखो वो कौन है पहाड़ पर जो अभी भी चढ़ने की कोशिश कर रहा है। सभी ने पहाड़ की और देखा तो उन्हें दिखा की एक बहुत ही दुबला पतला व्यक्ति अपनी ही धुन में पहाड़ पर चढ़ा जा रहा है । जबकि सब हर मान कर नीचे आ गए । अब नीचे के सभी व्यक्ति जोर जोर से चिल्ललाने लगे अरे पागल नीचे लौट आया । जब हम से नही हो पाया तो तुझ से कैसे होगा। वह चढ़ने वाला व्यक्ति फिर भी नही रूका तो भीड़ नीचे वाली भीड़ ने चिल्लाकर बोला अगर और ऊपर जायेगा तो मर जायेगा हमारी बात मान और नीचे आ जा आज तक कोई भी उस ऊपर वाली चोटी पर नही पहुँच पाया लौट आया अब भी मौका है लौट आ। पर ये क्या उसने और भी तेज पहाड़ पर चढ़ना शुरू कर दिया और देखते ही देखते वह पहाड़ की उस छोटी पर पहुँच गया। सभी और ख़ुशी छा गई और उस चढ़ने वाले व्यक्ति की जय जयकार होने लगी ।  तभी एक बुजुर्ग ने कहा देखो वह व्यक्ति कितना साहसी और निडर है सबने उसे इतना रोकने की कोशिश की फिर भी वह नही रुक कितना महान है वो व्यक्ति। तभी पीछे से एक आवाज आती है कि कोई महान वाहन नही है वो तो एक बहरा है जो सुन ही नही सकता ।☺😊😊


Moral of story :-. यदि आपको कोई बड़ा और महान कार्य करना हो तो बहरा बन जाओ किसी की मत सुनो । एक मिनट सोचिये जो व्यक्ति चोटी पर पहुँचा यदि वो सुन सकता तो क्या चोटी पर पहुँच पाता नही न । वैसे ही हम जब तक अपने आस पास वालों की बातों पर ध्यान देंगे  तो life में ज्यादा सफल नही हो सकते । यदि सच में लाइफ में कुछ बड़ा करना है। तो आज से ही सुनना बन्द कर दीजिये।

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