सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

आपकी वैल्यू short story in hindi

       आपकी वैल्यू short story in hindi


एक लोकप्रिय motivational वक्ता ने एक सेमिनार शुरू किया, उसके पास 2000 रूपये का था। उसे बोलते हुए सुनने के लिए लोगो की बहुत भीड़ जमाथी। उसने पूछा, 'यह 2000 रूपये का नोट किस किस को चाहिये?'

Story in hindi, story in hindi for students, story in hindi for students


सभी ने अपने  हाथ ऊपर कर दिए।

फिर उस वक्त ने कहा, ‘मैं आप में से किसी एक को यह 2000 का नोट देने जा रहा हूं, लेकिन पहले, मुझे यह करने दो।’ उसने नोट को तोड़ मरोड़ दिया।

उसने फिर पूछा, 'अब भी कौन चाहता है?'

अभी भी सभी के  हाथ ऊपर उठे हुए थे।

‘ठीक है, 'उसने जवाब दिया,' अगर मैं ऐसा करूं तो क्या होगा? '

उसने 2000 के नोट को उठाया, और भीड़ को दिखाया। फिर उसने नोट को धूल में डालकर गंदा कर दिया।

 अब बताओ कौन इसे अब भी चाहता है? '

सारे हाथ अब भी उठे।

‘मेरे दोस्तों, मैंने आपको सिर्फ एक महत्वपूर्ण सबक दिखाया है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैंने रुपए के साथ क्या किया, आप अभी भी इसे चाहते हैं क्योंकि इसके मूल्य में अभी भी कोई कमी नहीं हुई है। यह अभी भी यह 2000 रुपए का ही नोट है । हमारे जीवन में कई बार, जीवन हमें परेशान करता है और हमें गंदगी में पीसता है। हम खराब निर्णय लेते हैं या खराब परिस्थितियों से निपटते हैं। हम बेकार महसूस करते हैं। लेकिन क्या हुआ है या क्या होगा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, आप अपना मूल्य कभी नहीं खोएंगे। आप विशेष हैं - इसे कभी मत भूलिए! '

Moral of story :-परिस्थिति कितनी ही खराब हो, आप जीवन में कितने ही असफल हो, चाहे आपको लगे की आपकी जिंदगी खराब हो गई है फिर भी यकीन मानिये आप अभी अनमोल है। आप की वही value है जो पहले थी। अतः काफी भी निराश न हो।

ये पॉपुलर कहानियाँ भी पढ़े

1. सोच
2.कोरा ज्ञान
3.पाँच बातें
4.two moral stories
5. Story in hindi एक बूढ़ा


story in hindi.

         

Inspirational stories in hindi.. पसंद आई हो । तो शेयर जरूर करे । यदि आपके पास भी ऐसी hindi story with moral , motivational आर्टिकल हो तो हमें inhindistory@gmail.com पर भेजे हम आपके नाम और फोटो के साथ publish करेंगे। धन्यवाद !







   
       






इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोरा ज्ञान ....एक emotional motivational कहानी

Hi दोस्तों आप हैं। प्रेणादायी chakhdey गौरव के साथ दोस्तों ज्यादतर हम लोग ऐसी शिक्षा प्राप्त करते हैं।जो सिर्फ किताबों तक सिमित होती है। एक तरह से पंगु बना देती है।हम आज इस टॉपिक पर विस्तार से बात करें।उससे पहले एक कहानी इस टॉपिक को खूबसूरत तरीके से बयाँ करती है।         एक बहुत बड़े पंडितजी रहते हैं।जिनकी ख्याति दूर- दूर तक फैली होती है।उनके प्रवचन सुनने के लिए लोग दूर -दूर से आते हैं।पंडितजी को इस बात का बड़ा घमण्ड रहता है।वो हमेशा अपनी तारीफ सुन्ना पसंद करते हैं ।एक बार सावन के महीने मे एक गांव मे भगवत कथा करनी होती है।पंडितजी के गांव और उस गांव के बीच एक बड़ी नदी बहती है ।जिसे नाव के द्वारा पर करना पड़ता है।पंडितजी शाम के समय नदी किनारे पहुचते है।वहां पर नाव चलने वाले मल्लाह को बुलाकर कहते हैं कि मुझे जल्दी नदी पर कर दो बहुत जरूरी काम है। मल्लाह हाथ जोड़कर बोलता है पंडितजी कुछ लोग और आजाएं तो मुझे थोड़ा फायदा हो जायेगा।पंडितजी गुस्से से लाल आंख करते हुए बोलते है मुर्ख तू जनता है मैं कौन हूँ।मेरा थोड़ा सा समय भी बहुत कीमती है।तू मुझ अकेले को नदी पर करायेगा तो मे तुझे किराया तो दू

एक बार फिर कछुआ और खरगोश रेस....motivational story

vivekanand story in hindi   Hi दोस्तों एक बार फिर स्वागत आप सभी का in hindi motivational story chakhdey पर और आप सब है मेरे साथ अर्थात गौरव के साथ तो शुरू करते है कहानी....            आप सभी ने खरगोश और कछुए की कहानी तो पड़ी ही होगी की कछुआ और खरगोश की दौड़ होती है।खरगोश बहुत तेज दौड़ता है।फिर एक पेड़ के नीचे आराम करने लगता है और उसकी नींद लग जाती है।और कछुआ दौड़ जीत लेता है। अब दोसरी स्टोरी-       जब कछुआ रेस जीत जाता है।तब खरगोश को अपनी गलती का एहसास होता है।वह शेर के पास जाता हैऔर फिर से रेस करने की प्राथना करता है।शेर कछुए को बुलाकर पूछता है कि कछुआ तुम से एक बार फिर रेस करना चाहता है।क्या तुम तैयार हो चूँकि कछुआ रेस जीता था।इसलिए थोड़ा सा ईगो भी आ गया।शेर की बात सुनकर हँसकर बोलता है कि ख़रगोश भाई को फिर से हारने का शौक है तो वह तैयार है। दूसरे दिन सभी जानवर रेस देखने के लिए तय स्थान पर पहुँच जाते है।हरी झंडी दिखाई जाती है और रेस शुरू होती है।इस बार खरगोश पहली वाली गलती नही दोहराता है।तेजी से दौड़ कर बहुत बड़े अंतर से रेस जीत लेता है। तीसरी स्टोरी--          जब खरगोश जीत

vivekanand story in hindi dhyan ki shakti

vivekanand story in hindi     दोस्तों आज मैं आपके साथ स्वामी विवेकानंद जी की जीवन की एक और प्रेणादायी कहानी  vivekanand story in hindi   शेयर कर रहा हूँ           बात शिकागो की है एक बार विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ टहलते हुए एक नदी के किनारे पर पहुँचे वहाँ पर देखते हैं कि कुछ लोग नदी मे बहने वाले अंडे के छिलकों पर बंदूक से निशाना लगा रहे हैं पर बहते हुए अंडो के छिलके पर किसी से भी निशाना नही लग रहा स्वामी जी ने कुछ देर यह सब देखा पर किसी से भी नदी मे बहते हुए अंडे के छिलकों पर निशाना नही लगा सब काफी मेहनत कर रहे थे स्वामी विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ उन बन्दों के पास गए जो निशाना लगा रहे थे और बोले की वह भी निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने आश्चर्य से स्वामी विवेकानंद को देखा क्योंकि वो एक सन्यासी के भेष मे थे और स्वामी विवेकानंद से पूछा की उन्होंने पहले कभीं निशाना लगया है तो स्वामी जी ने मुस्कुराकर जबाब दिया की के उन्होंने पहले कभी भी बन्दूक तक नही चलायी पर आज निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने स्वामीजी को अपनी बन्दूक दे दी विवेक