सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

virat kohli biography in hindi/virat kohli success story in hindi

  virat kohli biography in hindi/virat kohli success story in hindi

Virat kohli को आज दुनिया के best players में गिना जाता है। दाएँ हाथ के इस भारतीय बल्लेबाज का लोहा आज पूरी दुनिया मानती है। virat kohli के खाते में आज कई national  और international  रिकॉर्ड है। ये एक मात्र विश्व के बल्लेबाज है जिनके बारे में यह कहा जाता है कि वो सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ सकते हैं। विराट kohli आज भारत की ओर से तीनों format oneday, टी20 और test मैचों में कप्तानी करते हैं।

virat kohli success story in hindi, virat kohli biography in hindi



       Virat कोहली का सामान्य जीवन परिचय


Name :-                        विराट प्रेम कोहली
Nick name -:                चीकू
DOB            -:               5 NOV 1988
Father name :-            प्रेमजी कोहली
Mother name :-           सरोज कोहली
Wife                  :-  अनुष्का शर्मा ( marriage 2017)
Height.              :- 1.75 m ( 5"9)
Birth place    :-             दिल्ली 
Country.         :-.            India


शुरुआती जीवन :-     virat kohli का जन्म दिल्ली के एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता एक वकील और माँ house wife थी। विराट कोहली का एक भाई विकाश और बढ़ी वहन भावना है। 2006 में virat kohli के पिताजी का देहांत हो गया।


International cricket carrier की शुरुआत :-   


Virat कोहली ने अपना पहला one day match श्रीलंका के खिलाफ खेला। उनको इस सिरीज में अचानक मौका मिला क्योंकि सचिन और सहवाग चोटिल हो गए थे। इस सीरीज में विराट कोहली ने सलामी बल्लेबाज के रूप में बल्लेबाजी की । virat kohli अपने पहले वनडे मैच में केवल 12 रन ही बना सके। इस सीरीज के चौथे मैच में कोहली ने अपना पहला international अर्धशतक बनाया । उन्होंने इस मैच में 54 रन की पारी खेली। श्रीलंका में पहली बार भारत श्रीलंका में सीरीज (2008) जीता।

         विराट कोहली को t20 के लिए 2010 में जिम्बाम्वे के खिलाफ चुना गया था पहला  टेस्ट 2011 में सिडनी में australia के खिलाफ खेला।

खास लम्हें :- 

पहला international one day अर्धशतक  -   श्रीलंका 
                                                                 के खिलाफ
                                                              (54) 2008

पहला international one day  शतक  -  श्रीलंका 
                                                                 के खिलाफ
                                             (107) Eden Gardens
                                               2009 में

पहला international  शतक -     Australia के खिलाफ
                                                                   116 रन
                                                                    2012 मे


Challenging time :-   virat kohli के लिए सबसे मुश्किल और challenging टाइम वो था । जब वो कर्नाटक के खिलाफ दिल्ली की और से रणजी मैच खेल रहे थे। उसी समय उनके पिता का देहांत हो गया। फिर भी उन्होंने अपना पूरा मैच खेला । इससे पता चलता है कि विराट किसी भी परिस्थिति में अपना धैर्य और फोकस बनाये रख सकते हैं।

2011 विश्व कप रिकार्ड :-   विराट कोहली पहले भारतीय बल्लेबाज बने जिन्होंने अपने पहले विश्वकप मैच में शतक बनाया।

Virat कोहली के 17 बेहतरीन रिकार्ड :- 

1. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 70 शतक, वनडे में 43 (सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे स्थान पर) और टेस्ट में 27 शतक

2.  वन क्रिकेट में सबसे तेज़ 8000 (175 पारी)9000 (194 पारी), 10000 (205 पारी) और 11000 रन (222 पारी) बनाने का रिकॉर्ड

3. दो टीमों के खिलाफ लगातार तीन वनडे शतक लगाने वाले विश्व के एकमात्र खिलाड़ी, कोहली ने श्रीलंका और वेस्टइंडीज के खिलाफ यह रिकॉर्ड बनाया

4. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज़ 8000 रन (137 पारी) बनाने वाले कप्तान

5. एक टेस्ट में 200 से ज्यादा रन बनाने वाले के मामले में कप्तान के तौर पर विश्व रिकॉर्ड, कोहली ने 10 बार यह कारनामा किया है

6.कप्तान के तौर पर पहली तीन टेस्ट पारी में शतक बनाने वाले पहले बल्लेबाज

7.टेस्ट क्रिकेट में लगातार चार सीरीज में चार दोहरे शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज

8. टी20 अंतरराष्ट्रीय में 50 से ज्यादा के सबसे ज्यादा स्कोर (22)

9.  टी20 अंतरराष्ट्रीय में एक साल में 600 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज

10. अंतरराष्ट्री क्रिकेट में 50 की औसत से 20000 से ज्यादा रन बनाने वाले एकमात्र बल्लेबाज

11. वन में लक्ष्य का पीछा करते हुए रिकॉर्ड 26 शतक
12.विराट कोहली ने वनडे सीरीज में 7 बार 300 से ज्यादा रन बनाया है और यह एक विश्व रिकॉर्ड है

 13. एक साल में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज (2818 रन, 2017)

14.  ए साल में 6 वनडे शतक लगाने वाले एकमात्र कप्तान

15 टेस्ट में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा दोहरे शतक (6)

16 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 0 पर आउट हुए बिना सबसे ज्यादा पारी खेलने वाले बल्लेबाज (47 पारी)

17.  भार की तरफ से टेस्ट में सबसे ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाज (7)

virat kohli success story in hindi, virat kohli biography in hindi


Virat कोहली को मिले सम्मानों की लिस्ट :

1. पद्मश्री 2017
2. राजीव गाँधी खेल रत्न 2018
3.Wisden Cricketers of the Year 2019
4. अर्जुन अवार्ड 2013
5.ICC ODI Player of the Year 2012
6.2018 ICC Cricketer of the year virat kohli
7. ICC Test player of the year 2018
8. ICC वनडे प्लेयर ऑफ़ the year 2018

          Virat kohli आज दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज है। इन्हें आज देश का बच्चा बच्चा जनता है। हमारी शुभकामनाएं हैं कि वो इसी तरह रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड तोड़ते रहें।



ये पॉपुलर कहानियाँ भी पढ़े

1. सोच
2.कोरा ज्ञान
3.पाँच बातें

story in hindi.

   

virat kohli biography in hindi/  virat kohli success story in hindi पसंद आई हो । तो शेयर जरूर करे । यदि आपके पास भी ऐसी hindi story with moral , motivational आर्टिकल हो तो हमें inhindistory@gmail.com पर भेजे हम आपके नाम और फोटो के साथ publish करेंगे। धन्यवाद !







   
       








इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोरा ज्ञान ....एक emotional motivational कहानी

Hi दोस्तों आप हैं। प्रेणादायी chakhdey गौरव के साथ दोस्तों ज्यादतर हम लोग ऐसी शिक्षा प्राप्त करते हैं।जो सिर्फ किताबों तक सिमित होती है। एक तरह से पंगु बना देती है।हम आज इस टॉपिक पर विस्तार से बात करें।उससे पहले एक कहानी इस टॉपिक को खूबसूरत तरीके से बयाँ करती है।         एक बहुत बड़े पंडितजी रहते हैं।जिनकी ख्याति दूर- दूर तक फैली होती है।उनके प्रवचन सुनने के लिए लोग दूर -दूर से आते हैं।पंडितजी को इस बात का बड़ा घमण्ड रहता है।वो हमेशा अपनी तारीफ सुन्ना पसंद करते हैं ।एक बार सावन के महीने मे एक गांव मे भगवत कथा करनी होती है।पंडितजी के गांव और उस गांव के बीच एक बड़ी नदी बहती है ।जिसे नाव के द्वारा पर करना पड़ता है।पंडितजी शाम के समय नदी किनारे पहुचते है।वहां पर नाव चलने वाले मल्लाह को बुलाकर कहते हैं कि मुझे जल्दी नदी पर कर दो बहुत जरूरी काम है। मल्लाह हाथ जोड़कर बोलता है पंडितजी कुछ लोग और आजाएं तो मुझे थोड़ा फायदा हो जायेगा।पंडितजी गुस्से से लाल आंख करते हुए बोलते है मुर्ख तू जनता है मैं कौन हूँ।मेरा थोड़ा सा समय भी बहुत कीमती है।तू मुझ अकेले को नदी पर करायेगा तो मे तुझे किराया तो दू

एक बार फिर कछुआ और खरगोश रेस....motivational story

vivekanand story in hindi   Hi दोस्तों एक बार फिर स्वागत आप सभी का in hindi motivational story chakhdey पर और आप सब है मेरे साथ अर्थात गौरव के साथ तो शुरू करते है कहानी....            आप सभी ने खरगोश और कछुए की कहानी तो पड़ी ही होगी की कछुआ और खरगोश की दौड़ होती है।खरगोश बहुत तेज दौड़ता है।फिर एक पेड़ के नीचे आराम करने लगता है और उसकी नींद लग जाती है।और कछुआ दौड़ जीत लेता है। अब दोसरी स्टोरी-       जब कछुआ रेस जीत जाता है।तब खरगोश को अपनी गलती का एहसास होता है।वह शेर के पास जाता हैऔर फिर से रेस करने की प्राथना करता है।शेर कछुए को बुलाकर पूछता है कि कछुआ तुम से एक बार फिर रेस करना चाहता है।क्या तुम तैयार हो चूँकि कछुआ रेस जीता था।इसलिए थोड़ा सा ईगो भी आ गया।शेर की बात सुनकर हँसकर बोलता है कि ख़रगोश भाई को फिर से हारने का शौक है तो वह तैयार है। दूसरे दिन सभी जानवर रेस देखने के लिए तय स्थान पर पहुँच जाते है।हरी झंडी दिखाई जाती है और रेस शुरू होती है।इस बार खरगोश पहली वाली गलती नही दोहराता है।तेजी से दौड़ कर बहुत बड़े अंतर से रेस जीत लेता है। तीसरी स्टोरी--          जब खरगोश जीत

vivekanand story in hindi dhyan ki shakti

vivekanand story in hindi     दोस्तों आज मैं आपके साथ स्वामी विवेकानंद जी की जीवन की एक और प्रेणादायी कहानी  vivekanand story in hindi   शेयर कर रहा हूँ           बात शिकागो की है एक बार विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ टहलते हुए एक नदी के किनारे पर पहुँचे वहाँ पर देखते हैं कि कुछ लोग नदी मे बहने वाले अंडे के छिलकों पर बंदूक से निशाना लगा रहे हैं पर बहते हुए अंडो के छिलके पर किसी से भी निशाना नही लग रहा स्वामी जी ने कुछ देर यह सब देखा पर किसी से भी नदी मे बहते हुए अंडे के छिलकों पर निशाना नही लगा सब काफी मेहनत कर रहे थे स्वामी विवेकानंद अपने अनुनायियों के साथ उन बन्दों के पास गए जो निशाना लगा रहे थे और बोले की वह भी निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने आश्चर्य से स्वामी विवेकानंद को देखा क्योंकि वो एक सन्यासी के भेष मे थे और स्वामी विवेकानंद से पूछा की उन्होंने पहले कभीं निशाना लगया है तो स्वामी जी ने मुस्कुराकर जबाब दिया की के उन्होंने पहले कभी भी बन्दूक तक नही चलायी पर आज निशाना लगाना चाहते हैं जो निशाना लगा रहे थे उन्होंने स्वामीजी को अपनी बन्दूक दे दी विवेक